पंजाब सरकार: अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की वापसी
दिवाली के ठीक पहले ही पंजाब की भगवंत मान सरकार ने कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करने का फैसला किया है। सीएम भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने राज्य मंत्रिमंडल बैठक के बाद कहा कि सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा देते हुए ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे लाखों कर्मचारियों को फायदा होगा। इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 6% DA के भुगतान को भी मंजूरी दे दी है। यह 1 अक्टूबर, 2022 से लागू है।
पंजाब के पहले राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी न्यू पेंशन स्कीम को रद्द करके ओल्ड पेंशन स्कीम लागू कर दिया गया है। ओल्ड पेंशन स्कीम में सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन मिलता है। यह मासिक पेंशन आम तौर पर कर्मचारी के अंतिम वेतन का आधा होता है।
राज्य कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने के फैसले पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा (Harpal Singh Cheema) ने कहा कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) में शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा। मान ने एक महीने पहले कहा था कि उनकी सरकार सरकारी कर्मचारियों के लिए योजना बहाल करने पर विचार कर रही है।
भारत और अमेरिका की सेनाओं ने ‘टाइगर ट्रंफ’ अभ्यास किया
भारत और अमेरिका की सेनाओं ने दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग के तहत विशाखापत्तनम में तीन दिवसीय संयुक्त मानवीय सहायता अभ्यास ‘टाइगर ट्रंफ’ किया। अमेरिकी सेना की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, “इस सप्ताह का टाइगर ट्रंफ अभ्यास क्षेत्र में आपदा राहत के समन्वय के लिए भारतीय और अमेरिकी सेनाओं के बीच किया गया दूसरा अभ्यास था।
पहला टाइगर ट्रंफ अभ्यास भी विशाखापत्तनम में हुआ था। यह नवंबर 2019 में नौ दिनों तक चला था, जिसमें अमेरिका के 500 से अधिक नौसैनिक और नाविक शामिल हुए थे। वहीं, भारत की तरफ से लगभग 1,200 नौसैनिकों, वायुसेना कर्मियों और सैन्य जवानों ने इसमें हिस्सा लिया था। बयान में कहा गया है, “इस साल के अभ्यास में 50 संयुक्त प्रतिभागी शामिल हुए और यह अभ्यास स्टाफ नियोजन पर केंद्रित है, जिसमें कूटनीतिक, परिचालन और सैन्य समन्वय को सुव्यवस्थित करने से जुड़ी प्रक्रियाओं पर जोर दिया गया है।”
टाइगर ट्रंफ साल 2022 का वह तीसरा अभ्यास है, जिसके लिए भारत और अमेरिका की सेनाएं विशाखापत्तनम में साथ आई हैं। फरवरी में भारत के द्विवार्षिक अभ्यास ‘मिलन’ के लिए अमेरिकी सेना 30 से अधिक अन्य देशों की फौजों के साथ विशाखापत्तनम में एकजुट हुई थी
केवड़िया में पीएम मोदी द्वारा शुरू किया गया मिशन लाइफ मूवमेंट
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिवसीय दौरे को लेकर गुजरात में हैं। पीएम मोदी का आज गुजरात में दूसरा दिन है। पीएम मोदी ने आज गुजरात के केवड़िया में मिशन लाइफ (Mission LiFE) का शुभारंभ किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने केवड़िया में मिशन प्रमुखों के 10वें सम्मेलन में भाग लिया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) पुस्तिका, लोगो और टैगलाइन के शुभारंभ पर पीएम मोदी के साथ शामिल हुए। इस दौरान 120 देशों के राजदूत भी शामिल हुए।
पीएम मोदी ने कहा कि मिशन लाइफ P3 यानी प्रो-प्लैनेट पीपल (Pro-Planet People) के आइडिया को मजबूत करेगा। यह मिशन इस धरती पर सभी लोगों को एक समान लक्ष्य के लिए एकजुट करने की कल्पना करता है। यह मिशन इस ग्रह की भलाई और बेहतरी के लिए जीने का लक्ष्य है। मिशन लाइफ के शुभारंभ पर पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारे ग्लेशियर पिघल रहे हैं। हमारी नदियां सूख रही हैं, मौसम अनिश्चित हो रहे हैं और ये बदलाव लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं कि क्लाइमेट चेंज को सिर्फ पॉलिसी मेकिंग पर नहीं छोड़ा जा सकता है।
विश्व स्पाइस कांग्रेस का 14वां संस्करण महाराष्ट्र में आयोजित
14वीं विश्व स्पाइस कांग्रेस 16 से 18 फरवरी, 2023 तक नवी मुंबई, महाराष्ट्र में सिडको प्रदर्शनी और कन्वेंशन सेंटर में होगी। स्पाइसेस बोर्ड इंडिया कई व्यापार और निर्यात मंचों के साथ मिलकर भारत के दौरान वर्ल्ड स्पाइस कांग्रेस की मेजबानी कर रहा है।
वर्ल्ड स्पाइस कांग्रेस का 14वां संस्करण: प्रमुख बिंदु:
वर्ल्ड स्पाइस कांग्रेस (डब्ल्यूएससी) का 14वां संस्करण विषय की घोषणा के बाद केवल ‘स्पाइस’ के बारे में होगा। विजन 2030: स्पाइस (स्थिरता-उत्पादकता-नवाचार-सहयोग-उत्कृष्टता और सुरक्षा) को वर्तमान वर्ल्ड स्पाइस कांग्रेस (डब्ल्यूएससी) के विषय के रूप में चुना गया है।
14वें WSC में पचास से अधिक देशों के एक हजार से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने का अनुमान है।
महत्वपूर्ण आयात करने वाले देशों के नियामक अधिकारी, व्यापार मंत्री और G20 सदस्य देशों के उद्योग संघ सभी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
वर्ल्ड स्पाइस कांग्रेस (डब्ल्यूएससी) कार्यक्रम भी एक एक्सपो की मेजबानी करेगा जिसमें व्यापार कार्यशालाओं के अलावा भारतीय मसाला क्षेत्र के फायदे और कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में भारतीय मसाला उद्योग की उत्पाद श्रृंखला, चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में अनुप्रयोगों, नवाचारों और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को प्रदर्शित किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय हकलाहट जागरूकता दिवस: 22 अक्टूबर
हर साल 22 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय हकलाहट जागरूकता दिवस (International Stuttering Awareness Day) मनाया जाता है। हकलाना एक बोलने से सम्बंधित एक विकार है जिसके प्रति जागरूकता के लिए यह दिन मनाया जाता है। कई बार इंसान बोलते समय हकलाने पर असहज महसूस करता है, लोगों को उनका मजाक भी बनाते हुए देखा जाता है। इससे वह इंसान भावनात्मक रूप से मायूस महसूस करता है। भारत में भी हकलाहट से 1.5 फीसदी लोगों के ग्रसित होने का दावा किया जाता है। हर दिन हकलाहट से ग्रसित लोगों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय हकलाहट जागरूकता दिवस का महत्व
निश्चित रूप से यह दिन एक अलग अहमियत रखता है। हकलाहट से ग्रसित लोगों को उस शर्मिंदगी से बाहर लाने के लिए अहम है, जो वे रोजमर्रा के जीवन में झेलते हैं। भावनात्मक सपोर्ट के अलावा हकलाहट के इलाज पर चर्चा करने वाली संगोष्ठियों का आयोजन भी इस दिन होता है। इस पर खुलकर बात की जाती है इसलिए हकलाहट जागरूकता दिवस की अलग अहमियत हो जाती है। उन लाखों लोगों के जीवन में जागरूकता से नई रोशनी आ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय हकलाहट जागरूकता दिवस का इतिहास
अंतरराष्ट्रीय हकलाहट जागरूकता दिवस सबसे पहले 1998 में नामित किया गया था। जागरूकता के एक अभियान के रूप में इसे मनाने का फैसला लिया गया था। इसे सामाजिक चिंता मानते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने का फैसला लिया गया। यह अंतरराष्ट्रीय स्टटरिंग एसोसिएशन (International Stuttering Association), इंटरनेशनल फलूएन्सी एसोसिएशन (International Fluency Association) और यूरोपियन लीग ऑफ़ स्टटरिंग एसोसिएशन (European League of Stuttering Associations) के तत्वाधान में शुरू किया गया अभियान है।
एचसीएल के शिव नादर बने देश के सबसे उदार परोपकारी
सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) कंपनी एचसीएल के संस्थापक शिव नादर 1,161 करोड़ रुपये के वार्षिक दान के साथ देश के सबसे बड़े परोपकारी बनकर उभरे हैं। एडलगिव हुरुन इंडिया परोपकार सूची 2022 के मुताबिक नादर प्रतिदिन तीन करोड़ रुपये दान करते हैं। आइटी कंपनी विप्रो के 77 वर्षीय अजीम प्रेमजी पिछले दो वर्षों से लगातार शीर्ष स्थान पर रहने के बाद इस साल दूसरे स्थान पर खिसक गए। उन्होंने 484 करोड़ रुपये का वार्षिक दान दिया।
भारत के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अदाणी इस सूची में सातवें स्थान पर हैं। उन्होंने पूरे वर्ष में 190 करोड़ रुपये दान किए हैं। इस साल सूची में 19 नए नाम जोड़े गए हैं और उन्होंने कुल 832 करोड़ रुपये का दान दिया। इस साल की सूची में छह महिलाएं भी शामिल हैं। सूची के मुताबिक भारत में कुल 15 व्यक्तियों ने 100 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक दान दिया। वहीं 20 व्यक्तियों ने 50 करोड़ रुपये से अधिक का दान दिया। 43 व्यक्तियों ने 20 करोड़ रुपये से अधिक का दान दिया।
लार्सन एंड टुब्रो के समूह चेयरमैन 80 वर्षीय एएम नाइक ने 142 करोड़ रुपये का दान दिया और वह देश के सबसे उदार पेशेवर प्रबंधक हैं। जेरोधा के नितिन कामत और निखिल कामत ने अपने दान को 300 प्रतिशत बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये कर दिया। माइंडट्री के सह-संस्थापक सुब्रतो बागची और एनएस पार्थसारथी शीर्ष 10 दानदाताओं में शामिल हैं। इनमें से प्रत्येक ने 213 करोड़ रुपये दान दिए।
इन्फोसिस के नंदन नीलेकणि, क्रिस गोपालकृष्णन और एसडी शिबूलाल क्रमश: 9वें, 16वें और 28वें स्थान पर रहते हुए 159 करोड़ रुपये, 90 करोड़ रुपये और 35 करोड़ रुपये का दान दिया। 120 करोड़ रुपये के दान के साथ 63 वर्षीय रोहिणी नीलेकणी देश की सबसे उदार महिला परोपकारी हैं।
PMAY-U अवार्ड्स 2021 में उत्तर प्रदेश को सर्वोच्च सम्मान
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के प्रमुख, प्रधान मंत्री आवास योजना – शहरी (पीएमएवाई-यू) आवास योजना के तहत वितरित किए गए हैं और शेष पूरा होने के विभिन्न चरणों में हैं। PMAY-U अवार्ड्स 2021 राजकोट में योजना के कार्यान्वयन के संबंध में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और शहरी स्थानीय निकायों के योगदान को मान्यता देने के लिए प्रतिवर्ष निर्धारित किया जाता है।
PMAY-U अवार्ड्स 2021: प्रमुख बिंदु
पुरस्कारों में, उत्तर प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया, उसके बाद क्रमशः मध्य प्रदेश और तमिलनाडु ने दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।
पोल-बाउंड गुजरात ने किफायती रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से संबंधित प्रदर्शन के लिए पांच विशेष श्रेणी के पुरस्कार देखे और ‘अन्य मिशनों के साथ अभिसरण’ को अपने रास्ते में लाया।
मध्य प्रदेश को तीन विशेष श्रेणी के पुरस्कार मिले, उसके बाद जम्मू और कश्मीर, जिसे दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव के साथ ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला केंद्र शासित प्रदेश’ चुना गया।
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) द्वारा एक विशेष श्रेणी के तहत सर्वश्रेष्ठ नीतिगत पहल के लिए ओडिशा को प्रतिष्ठित PMAY-U अवार्ड्स 2021 से सम्मानित किया गया है।
DX 2022 पुरस्कार: कर्नाटक बैंक ने CII का डिजिटल परिवर्तन पुरस्कार जीता
कर्नाटक बैंक ने बीएफएसआई खंड के तहत डिजिटल परिवर्तन में सर्वोत्तम प्रथाओं के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा स्थापित राष्ट्रीय डिजिटल परिवर्तन पुरस्कार, “डीएक्स 2022 पुरस्कार” प्राप्त किया है। नई दिल्ली में बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को ‘केबीएल एचआर एनएक्सटी – कर्मचारी सगाई’, ‘केबीएल संचालन एनएक्सटी – परिचालन उत्कृष्टता’ और ‘केबीएल ग्राहक एनएक्सटी – ग्राहक अनुभव’ में “अभिनव उत्कृष्टता” की मान्यता में पुरस्कार प्रदान किए गए।
डीएक्स 2022 पुरस्कार: मुख्य विशेषताएं
i. 2017 में, केबीएल ने कर्नाटक के मंगलुरु में बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, (बीसीजी) के साथ साझेदारी करते हुए अपनी परिवर्तन यात्रा ‘केबीएल विकास’ शुरू की।
ii. 2021 में, KBL ने ‘भविष्य के डिजिटल बैंक’ के रूप में उभरने के लिए ‘KBL NxT’ अवधारणा को लॉन्च किया।
iii. बैंक ग्राहक अनुभव, संचालन, मानव संसाधन, प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, डिजिटल मार्केटिंग, भागीदारी आदि जैसे कार्यक्षेत्रों के तहत डिजिटलीकरण पर ध्यान केंद्रित करता है।
iv. केबीएल विकास कार्यक्रम के माध्यम से, डिजिटल परिवर्तन ने बैंक को एक बड़ा हिस्सा देना शुरू कर दिया है
डीएक्स पुरस्कार क्या हैं?
i. डीएक्स (डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन) अवार्ड उन संगठनों के लिए एक आदर्श मंच है जिन्होंने अपने प्रयासों और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए डिजिटल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
ii. डीएक्स अवार्ड 2022 सीआईआई का चौथा संस्करण है।
परीक्षा 2022 के दृष्टि से
कर्नाटक बैंक मुख्यालय: मंगलुरु;
कर्नाटक बैंक के सीईओ: महाबलेश्वर एम. एस;
कर्नाटक बैंक की स्थापना: 18 फरवरी 1924।
मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाले 5वें खेलो इंडिया यूथ गेम्स
मध्यप्रदेश में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का ऐलान हो गया है। साल 2023 के जनवरी-फरवरी में 5 वां खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन होगा प्रदेश के आठ शहरों में इसका आयोजन किया जाएगा। आज दिल्ली में खेल अलंकरण में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी की मशाल सौंपी
साल 2008 में पहली बार खेलो इंडिया यूथ गेम्स शुरू हुआ था। अब तक दिल्ली, पुणे (महाराष्ट्र), गुवाहाटी (असम) और पंचकुला (हरियाणा) में इसका आयोजन हो चुका है। अब पांचवें खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी मध्य प्रदेश को सौंपी गई है। इसका आयोजन साल 2023 में जनवरी-फरवरी में होगा। 8 शहरों भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मंडला, महेश्वर और बालाघाट यानी कुल 8 शहरों में इसका आयोजन किया जाएगा।
7 हजार से ज्यादा खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 30 खेल होंगे। जिनमें प्रदेश के 7000 से ज्यादा खिलाड़ी भाग लेंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन ऐसे होगा कि देश ही नहीं दुनिया देखे। पीएम मोदी ने देश के मानस को बदल कर यह साबित कर दिया कि भारत सब कुछ कर सकता है।
भारत द्वारा परमाणु सक्षम अग्नि प्राइम मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया
भारत ने अग्नि प्राइम न्यू जेनरेशन बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। ये मिसाइल परमाणु क्षमता से लैस है। रक्षा अधिकारियों ने कहा कि परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अधिकतम रेंज हासिल की। इसने सभी टेस्ट सफलतापूर्वक पास किए। लगातार तीसरे टेस्ट के साथ ही अग्नि प्राइम मिसाइल सटीकता और विश्वसनीयता के आयाम में खरी उतरी है।
रक्षा अधिकारी ने बताया कि अग्नि प्राइम मिसाइल अग्नि श्रेणी की नई पीढ़ी मिसाइल का एडवांस वैरिएंट है। यह 1000 से 2000 किमी तक लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। उन्होंन बताया कि यह मिसाइल एमआईआरवी (multiple independently targetable reentry vehicle – MIRV) तकनीक से लैस है।
इस मिसाइल को अब्दुल कलाम द्वीप के लंचिंग कंपलेक्स 4 से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है | ये मिसाइल परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम है। इस मिसाइल की मारक क्षमता 1000 से 2000 किलोमीटर तक है तथा यह अपने साथ 1.5 टन परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम है।
बता दें कि मध्यम दूरी का यह बैलिस्टिक मिसाइल 10.5 मीटर लंबा और 1.5 मीटर चौड़ा है। भारतीय स्ट्रैटेजिक कमांड फोर्स के जवानों ने आज इसका परीक्षण किया है भारत के पास पहले से ही अग्नि 1 से लेकर अग्नि 5 तक के मिसाइल मौजूद हैं और इन सभी मिसाइलों का सफलतापूर्वक परीक्षण कर चुका है इसके साथ-साथ अब भारत अपने कई मिसाइलों में अत्याधुनिक गुण भर के उनका परीक्षण कर रहा है।