बुद्धि के प्रकार PDF

 बहु-बुद्धि का सिद्धांत

 बहु-बुद्धि का सिद्धांत हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रस्तुत किया गया। उनके अनुसार, बुद्धि कोई एक तत्व नहीं है बल्कि कई भिन्न-भिन्न प्रकार की बुद्धियों का अस्तित्व होता है। प्रत्येक बुद्धि एक दूसरे से स्वतंत्रा रहकर कार्य करती है। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी व्यक्ति में किसी एक बुद्धि की मात्रा अधिक है तो यह अनिवार्य रूप से इसका संवेफत नहीं करता कि उस व्यक्ति में किसी अन्य प्रकार की बुद्धि अधिक होगी, कम होगी या कितनी होगी। गार्डनर ने यह भी बताया कि किसी समस्या का समाधान खोजने के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार की बुद्धियाँ आपस में अंतः क्रिया करते हुए साथ-साथ कार्य करती हैं। अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण योग्यताओं का प्रदर्शन करने वाले अत्यंत प्रतिभाशाली व्यक्तियों का गार्डनर ने अध्ययन किया और इसके आधार पर आठ प्रकार की बुद्धियों का वर्णन किया। ये निम्नलिखित है-


भाषागत (Linguistic)



 भाषा के उत्पादन और उपयोग के कौशलद्ध यह अपने विचारों को प्रकट करने - तथा दूसरे व्यक्तियों वेफ विचारों को समझने हेतु प्रवाह तथा नम्यता के साथ भाषा का उपयोग करने की क्षमता है। जिन व्यक्तियों में यह बुद्धि अधिक होती है वे 'शब्द-वुफशल होते हैं। ऐसे व्यक्ति शब्दों के भिन्न- भिन्न अर्थों के प्रति संवेदनशील होते हैं. अपने मन में भाषा के बिंबों का निर्माण कर सकते हैं और स्पष्ट तथा परिशु (भाषा का उपयोग करते हैं। लेखकों तथा कवियो में यह बुद्धिअधिक मात्रा में होती है। 

तार्किक गणितीय (Logical-Mathematical)

 वैज्ञानिक चिंतन तथा समस्या समाधान के कौशलद्ध इस प्रकार की बुद्धि की अधिक मात्रा रखने वाले व्यक्ति तार्विफक तथा आलोचनात्मक चिंतन कर सकते हैं। वै अमूर्त तर्वफना कर लेते हैं और गणितीय समस्याओं के हल के लिए प्रतीकों का प्रहस्तन अच्छी प्रकार से कर लेते है। वैज्ञानिकों तथा नोबेल पुरस्कार विजेताओं में इस प्रकार की बुद्धि अधिक पाई जाने की संभावना रहती है। 

देशिक (Spatial) ; 

दृश्य बिब तथा प्रतिरूप निर्माण के कौशलद्ध यह मानसिक बिबो को बनाने उनका - उपयोग करने तथा उनमें मानसिक धरातल पर परिमार्जन करने की योग्यता है। इस बुद्धि को अधिक मात्रा में रखने वाला व्यक्ति सरलता से देशिक सूचनाओं को अपने मस्तिष्क में रख सकता है। विमान चालक नाविक. मूर्तिकार चित्राकार, वास्तुकार आंतरिक साज-सज्जा के विशेषज्ञ, शल्य चिकित्सक आदि में इस बुद्धि के अधिक पाए जाने की संभावना होती है।

 संगीतात्मक (Musical)

 सांगीतिक लय तथा अभि रचनाओं के प्रति संवेदनशीलताद्ध सागीतिक अभिरचनाओं को उत्पन्न करने, उनका सर्जन तथा प्रहस्तन करने की क्षमता सांगीतिक योग्यता कहलाती है। इस बुद्धि की उच्च मात्रा रखने वाले लोग ध्वनियों और स्पंदन तथा ध्वनियों की नई अभिरचनाओं के सर्जन के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। 

शारीरिक गतिसंवेदी (Bodily Kinaesthetic) 

संपूर्ण शरीर अथवा उसवेफ किसी अंग की लोच का उपयोग करना तथा उसमें सर्जनात्मकता प्रदर्शित करना किसी वस्तु अथवा उत्पाद वेफ निर्माण वेफ लिए अथवा मात्रा शारीरिक प्रदर्शन वेफ लिए संपूर्ण शरीर अथवा उसवेफ किसी एक अथवा एक से अधिक अंग की लोच तथा पेशीय कौशल की योग्यता शारीरिक गतिसंवेदी योग्यता कही जाती है। धावको नर्तकों, अभिनेताओं/ अभिनेत्रियों, खिलाड़ियों, जिमनास्टों तथा शल्य चिकित्सकों में इस बुद्धि की अधिक मात्रा पाई जाती है। 

अंतर्वैयक्तिक (Interpersonal)

 दूसरे व्यक्तियों के सूक्ष्म व्यवहारों के प्रति संवेदनशीलताद्ध इस योग्यता द्वारा व्यक्ति दूसरे व्यक्तियों की अभिप्रेरणाओं या उद्देश्यों भावनाओं तथा व्यवहारों का सही बोध करते हुए उनके साथ मधुर संबंध स्थापित करता है। मनोवैज्ञानिक परामर्शद, राजनीतिज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता तथा धार्मिक नेता आदि में उच्च अंतर्वैयक्तिक बुद्धि पाए जाने की संभावना होती है। 

अंतः व्यक्ति (Intranersonal 

अपनी निजी भावनाओं अभिप्रेरणाओं तथा इच्छाओं की अभिजताद्ध इस योग्यता वेफ अंतर्गत व्यक्ति को अपनी शक्ति तथा कमशोरियों का ज्ञान और उस ज्ञान का दूसरे व्यक्तियों वेफ साथ सामाजिक अंतःक्रिया में उपयोग करने का ऐसा कौशल सम्मिलित है जिससे वह अन्य व्यक्तियो से प्रभावी संबंध स्थापित करता है। इस बुद्धि की अधिक मात्रा रखने वाले व्यक्ति अपनी अनन्यता या पहचान, मानव अस्तित्व और जीवन के अर्थ को समझने में अति संवेदनशील होते हैं। दार्शनिक तथा आध्यात्मिक नेता आदि में इस प्रकार की उच्च बुद्धि देखी जा सकती है।

 प्रकृतिवादी (Naturalistic). 

पर्यावरण के प्राकृतिक पक्ष की विशेषताओं के प्रति संवेदनशीलताद्ध- इस बुद्धि का तात्पर्य प्राकृतिक पर्यावरण से हमारे सबधों की पूर्ण अभिजता से है। विभिन्न पशु-पक्षियों तथा वनस्पतियों के सौंदर्य का बोध करने में तथा प्राकृतिक पर्यावरण में सूक्ष्म विभेद करने में यह बुद्धि सहायक होती है। शिकारी, किसान, पर्यटक, वनस्पतिविज्ञानी, प्राणीविज्ञानी और पक्षीविज्ञानी आदि में प्रकृतिवादी बुद्धि अधिक मात्रा में होती है।


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