बिहार में शिक्षको का शिक्षा सुधार आंदोलन

 बिहार में पुनः शिक्षको द्वारा आंदोलन कर दिया गया है। यह वही आंदोलन जो करीब 3सालो से चलती आ रही है लेकीन ये आंदोलन कब समाप्त होगा किसी को पता नही है  ये आंदोलन शिक्षको को शिक्षक बनने के लिए हो रहा है 

इसके पहले भी ये बहुत अपने हक के लिए आंदोलन कर चुके है लेकीन कोई परिणाम नही मिला क्योंकि जिस हक के लिए ये शिक्षक जो भविष्य में शिक्षक बनने वाले है। जीने आंदोलन करना पड़ रहा है। वे चाहते है की उनकी विज्ञप्ति जो 3 सालो से बिहार सरकार द्वारा रोकी गई हैं इन शिक्षको के सामने से कितने शिक्षामंत्री बदल गए था याह तक की सरकार का उल्ट - पलट होया लेकिन बिहार में शिक्षक बनने वाले अभी तक रोड़ पर ही हैं जो आंदोलन के माध्यम से अपने हक के लड़ाई लड़ रहे ताकि वेभी अपना भविष्य के साथ साथ बच्चो का भी भविष्य बना सके लेकिन लगता है की इनकी बात को सुनने वाले कोई हैं है नही ।

अगर किसी का ध्यान जाता भी है तो बस अस्वासन ही इन शिक्षको को मिल जाता है की आपका काम हो रहा है ये सुनते सुनते ये बिहार में बनने वाले शिक्षक 3 साल बिता दिए शिक्षक की इस दुर्दसा देख पता चल सकत है की बिहार में अन्य राज्यो की अपेक्षा शिक्षा की क्या हालत हो सकती है शिक्षक ही शिक्षा को सुधार और बेहतरीन बना सकता है लेकिन जरा सोच कर देखिए तो जहा शिक्षक की ऐसी हालत वहा शिक्षा कैसी होगी। जो स्कूल मे जाकर पढ़ना चाहते वे आज सड़क पर उन्हें शिक्षक बनने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा हैं 

बिहार में करीब 1.5 लाख अभी पद शिक्षक का पद खाली है। जिन्हे करीब 3 सालो से रोका गया है बहुत से स्कूल में तो 60 बच्चो पर एक शिक्षक है अगर इन सभी पदों को भर दिया जाय तो एक निश्चित अनुपात में शिक्षको और बच्चो का हो सकता है ये सब बातो को ध्यान में रखना चहिए 

बिहार में जो भी सरकार हो खासकर शिक्षा पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि बिहार में बिहारी का गहना एक मात्र उनका शिक्षा ही है। इसी बाल पर बिहारी लोग अपना पर्चम सभी जगह फहराते है शिक्षा ही बिहारियो का एक मूल मात्र मंत्र है की कही भी कभी भी प्रयोग कर अपना जीवन वेतित कर सकते है


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