भारत में पुस्तकालय अधिनियम
बिहार राज्य सार्वजनिक पुस्तकालय एवं सूचना केंद्र विधेयक, 2008
बिहार राज्य में सार्वजनिक पुस्तकालय को स्थापना पुनर्गठन एवं पुस्तलय के विनियमन, मार्गदर्शन,नियंत्रण,प्रायव परीक्षण पर्यवेक्षण पर्यवेक्षण तथा उनके क्यों व्यवस्थित विकास हेतु विधानमंडल में एक विधेयक को पारित किया गया जिसे बिहार सर्वजनिक पुस्तकालय सूचना केंद्र 2008 के नाम से जाना जाता है
अधिनियम के प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं
* इस राज्य में हर स्तर पर राज्य मंडल,जिला प्रखंड,पंचायत ग्रामीण के सभी स्तर पर पुस्तकालयों की स्थापना एवं विकास का प्रावधान किया गया है
* इस अधिनियम के अधीन राज्य में सभी का स्तर एवं श्रेणी के पुस्तकालय की स्थापना विकास एवं सेवाओं पर राज्य सरकार को परामर्श देने हेतु राज्य पुस्तकालय एवं सूचना केंद्र प्राधिकरण गठित करने का प्रावधान है
* अधिनियम के अधीन निर्धारित उद्देश्य की प्राप्ति के लिए एक पृथक एवं सूचना केंद्र निदेशालय के गठन का प्रावधान ही इस अधिनियम में किया गया है जो राज्य पुस्तकालय प्राधिकरण के समस्त निर्धारित कार्यों को करने के लिए उत्तरदाई होगा
* इस अधिनियम के अधीन पुस्तकालय की स्थापना , सुदृढ़ीकरण एवं विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए राज्य पुस्तकालय निधि के रूप में स्वतंत्र कोष गठित करने का प्रावधान है
*इस वित्तीय को सुनें धनराशि का संग्रह राज्य सरकार के अनुदान राजा राममोहन राय पुस्तकालय पर प्रतिष्ठान के अनुदान सांसद या विधायक निधि से तरफ सहायता राशि तथा अन्य सामाजिक संस्थाओं से प्राप्त अनुदान ओं से निर्मित करने का प्रावधान है
* इस अधिनियम के तहत राज्य में प्रकाशित सभी दोस्तों को एक - एक प्रति प्रकाशक या लेखक "श्रीमती राधिका सिन्हा" एवं सच्चिदानंद सिन्हा पुस्तकालय पटना को निः शुल्क प्रदान करने का अधिकार हैं।
* इस अधिनियम के अधीन "राज्य पुस्तकालय एवं सूचना निदेशालय द्वारा राज्य सरकार की सूचनार्थ समय-समय पर उचित प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत करने का प्रावधान है।
*इस अधिनियम के अधीन निदेशक या उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा राज्य के विभिन्न पुस्तकालय का निरीक्षण करने का प्रावधान है
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