भारत में पुस्तकालय अधिनियम

             भारत में पुस्तकालय अधिनियम

पुस्तकालय आंदोलन अधिक शक्तिशाली एवं पुस्तकालय सेवा को पूर्ण सफल बनाने के लिए पुस्तकालय अधिनियम अधिनियम का होना अति आवश्यक है पुस्तकालय अधिनियम का इतिहास पाश्चात्य देशों में नसीब शादी के मुख्य मार्ग से शुरू हुआ जब इंग्लैंड मे सर्वप्रथम 1850 में पुस्तकालय अधिनियम स्वीकृत हुआ विश्व के लगभग 110 हम राज्यों में जैसे देशों एवं राज्यों में पुस्तकालय अधिनियम स्वीकृत हो चुके हैं 
    


          भारत में पुस्तकालय विधान तैयार करने की दिशा में सर्वपथम प्रयास रंगनाथन द्वारा किया गया उन्होंने सन 1930 ईस्वी में अखिल एशियाई शैक्षणिक सम्मेलन में आदर्श पुस्तकालय अधिनियम सफल रूप प्रस्तुत किया और अधिवेशन में इस पर रूप कौर गंभीरता पूर्वक विचार किया गया भारत में अभी तक 28 राज्यों एवं 7 केंद्र शासित प्रदेशों में 16 राज्य एवं 1 केंद्र शासित प्रदेश में पुस्तकालय अधिनियम लागू किए गए हैं

  बिहार राज्य सार्वजनिक पुस्तकालय एवं सूचना केंद्र विधेयक, 2008

बिहार राज्य में सार्वजनिक पुस्तकालय को स्थापना पुनर्गठन एवं पुस्तलय के विनियमन, मार्गदर्शन,नियंत्रण,प्रायव परीक्षण पर्यवेक्षण पर्यवेक्षण तथा उनके क्यों व्यवस्थित विकास हेतु विधानमंडल में एक विधेयक को पारित किया गया जिसे बिहार सर्वजनिक पुस्तकालय सूचना केंद्र  2008 के नाम से जाना जाता है 

                      अधिनियम के प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं

* इस  राज्य में हर स्तर पर राज्य मंडल,जिला प्रखंड,पंचायत ग्रामीण के सभी स्तर पर पुस्तकालयों की स्थापना एवं विकास का प्रावधान किया गया है 

* इस अधिनियम के अधीन राज्य में सभी का स्तर एवं श्रेणी के पुस्तकालय की स्थापना विकास एवं सेवाओं पर राज्य सरकार को परामर्श देने हेतु राज्य पुस्तकालय एवं सूचना केंद्र प्राधिकरण गठित करने का प्रावधान है 

* अधिनियम के अधीन निर्धारित  उद्देश्य की प्राप्ति के लिए एक पृथक एवं सूचना केंद्र निदेशालय के गठन का प्रावधान ही इस अधिनियम में किया गया है जो राज्य पुस्तकालय प्राधिकरण के समस्त निर्धारित कार्यों को करने के लिए उत्तरदाई होगा 

* इस अधिनियम के अधीन पुस्तकालय की स्थापना , सुदृढ़ीकरण एवं विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए राज्य पुस्तकालय निधि के रूप में स्वतंत्र कोष गठित करने का प्रावधान है



*इस वित्तीय को सुनें धनराशि का संग्रह राज्य सरकार के अनुदान राजा राममोहन राय पुस्तकालय पर प्रतिष्ठान के अनुदान सांसद या विधायक निधि से तरफ सहायता राशि तथा अन्य सामाजिक संस्थाओं से प्राप्त अनुदान ओं से निर्मित करने का प्रावधान है

* इस अधिनियम के तहत राज्य में प्रकाशित सभी दोस्तों को एक - एक  प्रति प्रकाशक या लेखक "श्रीमती राधिका सिन्हा" एवं सच्चिदानंद सिन्हा पुस्तकालय पटना को निः शुल्क प्रदान करने का अधिकार हैं।

* इस अधिनियम के अधीन "राज्य पुस्तकालय एवं सूचना निदेशालय द्वारा राज्य सरकार की सूचनार्थ समय-समय पर उचित प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत करने का प्रावधान है।

*इस अधिनियम के अधीन निदेशक या उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा राज्य के विभिन्न पुस्तकालय का निरीक्षण करने का प्रावधान है 



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