बक्सर थर्मल पॉवर प्लांट

बक्सर के चौसा में हो रही किसान और पुलिस के बिच हो रही लड़ाई का कारण किसानों का जमीन का अधिग्रहण का मामला है किसानो का कहना है की चौसा में बन रहे पॉवर प्लांट जो की किसानो के जमीन लेकर काम कर रहा है लेकिन किसान का कहना है की पॉवर प्लांट द्वारा जमीन अधिग्रहण  किया जा रहा है
किसानो द्वारा कई दिनों से परदर्सन किया जा रहा था जो करीब 85 दिनों से चल रहा था  जब कोई इनका बात नही सुना तो अंतः वे गुसा में आ गए तब जा कर किसानो ने पॉवर प्लांट जो बक्सर के बानरपुर मे है किसानो ने पॉवर प्लांट के दरवाजे पर ताला लगा दिए ताला लगा दिए जाने के बाद  पुलिस करवाई शुरू हुई पुलिस करीबन रात के 12 बजे किसानो के गांव में जाकर करवाई की ओर उनको लाठी से पिटा गया

 जिसे गवासियो की गुसा फूट गया और प्लांट के पास जाकर तोड़ फोड़ करना शुरु कर दी जिनमे पुलिस वाहन और प्लांट के रखे सामग्री को जला दिया गया 



बक्सर के थर्मल पॉवर प्लांट जानकारी

इस प्लांट को पीएम नरेंद्र मोदी ने 1320 मेगावाट के इस प्लांट की आधारशिला 9 मार्च 2019 को रखी जो भारत सरकार द्वारा ग्रीन फील्ड सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी वाले इस प्रोजेक्ट की लागत 11000 करोड़ रुपए है इको बनाने वाले केंद्र और हिमाचल प्रदेश सरकार की संयुक्त स्वामित्व वाली SJVN सतलुज जल विद्युत निगम बना रही है इस प्लांट से 9828 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन होगा सरकार के अनुसार इस संयंत्र से उत्पादित बिजली का 85% बिहार को दिया जाएगा

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