हमको रोको न कोई पीने से
दर्द सा उठ रहा है सीने से
हम पियें और हम को होश न हो
होश आता है हम को पीने से
जिन्दगी मौत से भी बदतर है
बाज़ आए हम ऐसे जीने से
आपका हुस्न इक कियामत है
पूछिये जा आबगीने से
कर सौ गमों का इलाज होता है
एक जाम-ए-शराब पीने से
लाख तूफान-ए-गम भी हार गए
कल्ब'-ए-'ज़ाहिद' के इक सफीने से
बदतर - अधिक बुरी
आए- दूर रहना
कियामत- महापेरल्य
आबगीने- दर्पण
कल्ब'-ए-'ज़ाहिद- दिल
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