हिन्दी शायरी
ये तुम्हारा प्यार है कि टी.वी. सीरियल
अनंत एपीसोड की तरह, बढ़ता ही जा रहा है।
ये मेरा दिल है कि बिजली बिल
मेरे समझ से है बिल्कुल परे, दिमाग उलझता जा रहा है।
ये हमारी प्यार की राहें हैं कि,
प्रधान मंत्री सड़क योजना बनते देर नहीं कि बस, उखड़ता चला जा रहा है।
ये तेरा रूप लावण्य है कि, आत्मघाती दस्ता है,
आतंकित है मेरा दिल, धड़कता चला जा रहा है
ये प्यार का पैगाम है तेरा, कि आरक्षण का जंजाल है
आशंकित है मेरा दिल, बहकता चला जा रहा है ।
ये प्यार भरा बेतकल्लुफी है, कि सिनेमा घर का दृष्य
हर शर्म से परदा उठता, चला जा रहा है।
ये तुम्हारी बेवफाई है कि, नशा वादी का झूठ है,
हर नुक्कड़ से तेरा हुश्न, बिकता चला जा रहा है।
ये तेरा इन्साफ है कि, नक्सलवादी का अत्याचार
मेरा दामन तेरे हाथों से, कत्ल होता चला जा रहा है।
ये प्यार का आशियाना है, कि सरकारी भवन है,
बनते देर नहीं कि गिरता चला जा रहा है।
