क्रिप्टोग्राफी
डा क्टर या इंजीनियर बनने का ख्वाब संजोए हर युवा को सफलता नहीं मिल पाती, ऐसे में इन के अलावा और भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां सफल भविष्य की कामना की जा सकती है, ऐसा ही एक क्षेत्र है क्रिप्टोग्राफी. यह एक प्रकार की कोडिंग भाषा है जिस का इस्तेमाल सुरक्षा एजेंसियों द्वारा ज्यादा किया जाता है.
क्या है क्रिप्टोग्राफी
क्रिप्टोग्राफी एक प्रकार की गुप्त भाषा है. दस्तावेजों व निर्णयों को गोपनीय बनाए रखने के लिए इस कोडिंग भाषा का इस्तेमाल किया जाता है. इस के लिए क्रिप्टोग्राफर अपना एक अलग शब्दकोश तैयार करता है, जिस में वह हर अक्षर के ऊपर एक कोड निर्धारित करता है, जैसे कि 'ए' के स्थान पर 'एफ'. 'बी' की जगह 'एन' और 'सी' की जगह 'ओ' आदि. इस प्रकार अंगरेजी से तैयार शब्दकोश की एक कौपी वह अपने पास रखता है और दूसरी य कौपी जिस के लिए शब्दकोश तैयार किया गया है, उसे भेज दी जाती है. फिर इसी शब्दकोश के हिसाब से सामग्री को लिख कर ईमेल या मैसेज किया जाता है और सामने वाला इसे शब्दकोश के हिसाब से समझ लेता है. हर किसी के लिए अलगअलग शब्दकोश तैयार किया जाता है.
कैरियर की दृष्टि से
क्रिप्टोग्राफरों के लिए इस क्षेत्र में कई अवसर मौजूद हैं. केवल भारतीय सुरक्षा एजेंसियों में ही नहीं बल्कि कई विदेशी कंपनियों में भी क्रिप्टोग्राफरों की मांग बढ़ी है. अब तो बैंकों में भी अकाउंट नंबर व एटीएम पासवर्ड को सुरक्षित बनाए रखने के लिए इस कोडिंग भाषा का इस्तेमाल किया जाने लगा है.
कोर्स
क्रिप्टोग्राफी में डिप्लोमा व डिग्री कोर्स किया जा सकता है. कोर्स की अवधि 1 से 2 वर्ष की है. कई सुरक्षा एजेंसियों और कंपनियों में एमएससी पास छात्रों को भरती कर के वहां ट्रेनिंग दी जाती है. ट्रेनिंग सेंटर खोल सकते हैं इस कोर्स को करने के बाद आप किसी सुरक्षा संस्थान में नौकरी करने के अलावा अपना खुद का ट्रेनिंग सैंटर भी चला सकते हैं. किसी शिक्षण संस्थान में ट्रेनर के तौर पर भी काम कर सकते हैं.
ट्रेनिंग सेंटर खोल सकते हैं
इस कोर्स को करने के बाद आप किसी सुरक्षा संस्थान में नौकरी करने के अलावा अपना खुद का ट्रेनिंग सेंटर भी चला सकते हैं. किसी शिक्षण संस्थान में ट्रेनर के तौर पर भी काम कर सकते हैं.
योग्यताएं
क्रिप्टोग्राफी में गणित की भूमिका बहुत अहम होती है तभी तो इस के लिए हाईस्कूल व इंटरमीडिएट गणित विषय से पास करना जरूरी होता है. साथ में अगर ग्रैजुएशन भी गणित विषय से हो तो और भी बेहतर होता है, क्योंकि इस में गणित के फार्मूले के हिसाब से कोडिंग तैयार की जाती है. कुछ संस्थानों में इस कोर्स को करने के लिए एमएससी की योग्यता मांगी जाती है. गणित में मास्टर डिग्री प्राप्त करने के बाद भी इस कोर्स को किया जा सकता है. अधिकतर संस्थानों में इस के लिए पहले प्रवेश परीक्षा होती है, जोकि गणित विषय पर आधारित होती है.
क्रिप्टोग्राफी के लिए तैयार शब्दकोश
ए-डी, बी-के. सी-एस. डी-ए. ई-एल, एफ-सी. जी-यू. एच-जे. आई-बी, जे-एक्स. केवी, एल-पी, एम-आर, एन-टी, ओ-एफ, पी-वाई, क्यू-ओ, आर-जी, एस-डब्लू, टी-जैड, यू-ई. वीएम, डब्लू-आई, एक्स-एन, वाई-क्यू, जैड-एच.
कोडिंग भाषा उदाहरण संदेश :
अवर डेटा इस सीक्रेट. कोड भाषा : एफईजी एडीजेडडी बीडब्लू डब्लूएसजी एलजैड. संदेश : वी आर गोइंग टू मुंबई फौर मीटिंग. कोड भाषा : आईएल डीजीएल यूएफबीटीयू जैडएफ आरईआरकेडीबी सीएफजी आरएलएलजैडबीटीयू
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