12वें अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन की मेजबानी करेगा फिजी,
पैसिफिक क्षेत्र में पहली बार हो रहा है इसका आयोजन
12वां विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन फिजी में होने जा रहा हैं यह पहली बार होने जा रहा जो एक पैसिफिक क्षेत्र के किसी देश में यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर भारतीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व करेंगे. इसका आयोजन अगले साल 2023 मे 15 से 17 फरवरी तक भारतीय विदेश मंत्रालय और फिजी सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है.
इस सम्मेलन में बहुत सारे हिंदी से संबंधित प्रतिभाशाली आने की उमिद है।
फीजी में हिंदी की शुरुवात
फिजी में हिन्दी की शुरूआत 1879 से 1916 के बीच मानी जाती है. उस समय फिजी और भारत पर अंग्रेजी शासन था. बताया जाता है कि उस समय गन्ना के खेतों में काम करने के लिए बहुत सारे मजदूरों को फिजी लाया गया था. इनमें अधिकतर लोग उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के थे. जो एक हिन्दी भाषी थे। फिजी में हिन्दी भाषा प्राइमरी, सेकेंडरी स्कूलों, यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई जाती है । फिजी के संविधान में इसे आधिकारिक भाषा का दर्जा हासिल है.
11 अलग-अलग देशों में विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया जा चुका है। हिंदी भाषा इस्तेमाल होने वाले देश न्यूजीलैंड, सिंगापुर, मॉरीशस के साथ अब फीजी भी हो गया है।
सम्मेलन में LOGO और वेबसाइट का शुभारंभ लॉन्च हुआ
फिजी के शिक्षा मंत्रालय, विरासत और कला के स्थायी सचिव अंजीला जोखान ने कहा की पैसिफिक क्षेत्र में हिन्दी सम्मेलन का आयोजन करने वाला पहला देश बनना फिजी का सौभाग्य है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार के साथ मिलकर काम करने पर उन्हें खुशी हो रही है. अंजिला जोखान ने कहा की हिंदी फिजी के संविधान की आधिकारिक भाषाओं में से एक है. फीजी में भारतीय के लिए हिंदी प्राथमिक विद्यालयों से लेकर यूनिवर्सिटीज मे अनिवार्य विषय है। इसलिए उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वी मुरलीधरन और अंजीला जोखान ने सम्मेलन में LOGO और वेबसाइट का शुभारंभ लॉन्च हुआ
Tags:
ब्रेकिंग न्यूज